💫🖤 आज़ की यह पहली पोस्ट माँ,
बहन, बेटी या दोस्त के रूप में सभी
स्त्रियों को समर्पित...💐😌✍
वाकिफ हैं हम इस दौर के चलन से
यहाँ इंसाफ कहाँ होता है,?
मर्दों के लौटने पर जश्न
और औरतों के लिए वनवास होता है,
एक कड़वी बात
जो सीने में चुभती है,
ये दुनिया बड़ी अजीब
तराजू लेकर घूमती है,
बुद्ध घर छोड़ें
तो वैराग्य का नाम मिलता है,
औरत घर की दहलीज लांघे तो
बदनाम का जाम मिलता है,
वो जंगल से ज्ञान लाए
तो पूजे गए, जगमगा गए,
ये अग्नि-परीक्षा देकर लौटी तो भी
सवालों में दबा गए,
कहने को तो देवी का दर्जा
दे रखा है किताबों पर,
पर असल में हर मोड़ पर
पत्थर ही फेंके हैं पाकों पर,
अजीब दोगलापन है
इस समाज की रग-रग में,
इश्क पुरुष करे तो कान्हा
स्त्री करे तो दाग है जग में,
आज वूमेंस डे की बधाई देने वाले
ही कल उंगली उठाएंगे,
तारीफों के फूल सजाकर
फिर घर में ही बेड़ियाँ पहनाएंगे,
तुम तथागत को ढूँढते हो
मगर सीता को नहीं समझा,
शुद्धता की चादर ओढ़कर
तुमने औरतों को ही सिर्फ परखा,
खैर, ये दुनिया बस तमाशा
देखना जानती है,
अपनों की बलि देकर ही
ये खुद को महान मानती है,,🥀🔥💯
|||
नारी तुम ही शक्ति हो
तुम ही इस जग की आधार,
कभी ममता की मूरत बनी
तो कभी प्यार की फुहार,
सहती हो हर दर्द चुपचाप
चेहरे पर मुस्कान लिए,
अपनों की खातिर जीती हो
दिल में अरमान लिए,
त्याग और तपस्या की मूरत
तेरा रूप निराला है,
तेरे ही दम से रोशन
हर घर का उजियारा है,
नारी तुम महान हो
शब्द भी कम पड़ जाते हैं,
तुम्हारे सजदे में तो
खुद आसमां झुक जाते हैं,,🫶😌💐
https://t.me/LoVeAaShiQ_SinGh..✍
😇🚩#𝗦𝗵𝗶𝘃𝗮𝗮𝘆,
https://t.me/Tere_liye_Kal_Hun,🔥